आषाढ़ का एक दिन मोहन राकेश द्वारा रचित एक कालजयी नाटक है, जो हिंदी के ‘नई कहानी’ और आधुनिक नाटक आंदोलन की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जाता है। यह नाटक संस्कृत के महान कवि कालिदास के जीवन की कल्पित कथा के माध्यम से कलाकार के निजी जीवन और उसकी महत्वाकांक्षाओं के बीच के द्वंद्व को प्रस्तुत करता है।
कहानी मुख्यतः कालिदास और मल्लिका के संबंधों पर केंद्रित है। मल्लिका का प्रेम और समर्पण कालिदास की रचनात्मकता को प्रेरित करता है, परंतु राजदरबार की प्रतिष्ठा और महत्वाकांक्षा के कारण कालिदास उसे छोड़कर उज्जयिनी चला जाता है। समय के साथ दोनों के जीवन में परिवर्तन आता है, और अंततः यह नाटक प्रेम, त्याग और अधूरे संबंधों की पीड़ा को मार्मिक रूप में उजागर करता है।
मुख्य विशेषताएँ:
आधुनिक हिंदी रंगमंच की प्रतिनिधि कृति
प्रेम और महत्वाकांक्षा के द्वंद्व का सशक्त चित्रण
संवेदनशील और प्रभावशाली संवाद शैली
कालिदास के जीवन पर आधारित कल्पनात्मक प्रस्तुति
साहित्य और रंगमंच के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी
आषाढ़ का एक दिन – मोहन राकेश हिंदी नाटक साहित्य की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो पाठकों और दर्शकों को मानवीय भावनाओं और कला के संघर्ष से गहराई से जोड़ती है।
PUBLISHER: RAJPAL AND SONS
BINDING: PAPER BACK
LANGUAGE: HINDI
PAGES: 128

