More Details

औघड़ नीलोत्पल मृणाल” एक अद्भुत आध्यात्मिक और रहस्यवादी कृति है जो औघड़ साधना, तांत्रिक परंपरा और आंतरिक जागरण की गहराइयों को बेहद प्रभावशाली ढंग से उभारती है। यह पुस्तक आध्यात्मिक साधकों, तांत्रिक विचारों और औघड़ों के अनूठे जीवन-दर्शन को ऐसी शैली में प्रस्तुत करती है कि पाठक स्वयं एक गहन साधना-यात्रा में उतर जाता है।
इसमें औघड़ की निर्भीक साधना, गूढ़ रहस्य, प्रकृति और अस्तित्व के साथ उनका अनोखा संवाद तथा ऊर्जा-चक्रों की अनुभूतियों का आकर्षक चित्रण मिलता है। सरल भाषा और गहन भावों के माध्यम से पुस्तक आध्यात्मिक खोज, आत्मशक्ति, चेतना-विकास और रहस्यवाद की दुनिया का ऐसा द्वार खोलती है जो पाठक को भीतर तक प्रभावित कर देता है।
जो लोग अध्यात्म, तंत्र, औघड़-साधना, या रहस्यवादी साहित्य में रुचि रखते हैं, उनके लिए यह पुस्तक एक अविस्मरणीय अनुभव और मार्गदर्शक सिद्ध होती है।

PUBLISHER: HINDI YUGAM

BINDING: PAPER BACK

LANGUAGE: HINDI

PAGES: 383