“भारत के जलते प्रश्न” Osho की एक तीखी, निर्भीक और विचारोत्तेजक कृति है, जिसमें वे भारत के सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक संकटों पर सीधे सवाल उठाते हैं। यह पुस्तक केवल समस्याओं का वर्णन नहीं करती, बल्कि उनके मूल कारणों को उजागर करते हुए चेतना के स्तर पर समाधान की दिशा भी दिखाती है।
ओशो भारत की परंपराओं, शिक्षा व्यवस्था, धर्म के पाखंड, राजनीति की खोखली नैतिकता और व्यक्ति की दबी हुई स्वतंत्रता पर खुलकर बात करते हैं। उनके अनुसार भारत की वास्तविक समस्या गरीबी या राजनीति नहीं, बल्कि जागरण की कमी है। जब तक व्यक्ति जागरूक नहीं होगा, तब तक कोई भी व्यवस्था उसे मुक्त नहीं कर सकती।
सरल लेकिन धारदार भाषा, तर्कपूर्ण विश्लेषण और क्रांतिकारी दृष्टि के साथ यह पुस्तक पाठक को सोचने के लिए मजबूर करती है—कि क्या हम सच में स्वतंत्र हैं, और भारत को नई दिशा देने के लिए किस तरह की चेतना की ज़रूरत है। यह कृति युवाओं, चिंतकों और समाज को समझने वाले हर पाठक के लिए अत्यंत प्रासंगिक है।
Publisher: FUSION BOOKS
Language : HINDI
Binding: HARD COVER
Pages : 357

