डॉलर बहू सुधा मूर्ति का एक प्रसिद्ध सामाजिक उपन्यास है, जिसमें परिवार, रिश्तों और समाज की मानसिकता को संवेदनशील ढंग से प्रस्तुत किया गया है। कहानी एक मध्यमवर्गीय भारतीय परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है जहाँ पैसों और विदेश में रहने की स्थिति को अत्यधिक महत्व दिया जाता है।
कहानी में एक माँ अपने उस बेटे और बहू को अधिक महत्व देती है जो विदेश में रहते हैं और डॉलर कमाते हैं, जबकि भारत में रहने वाले बेटे और बहू को वह उतना महत्व नहीं देती। धीरे-धीरे परिस्थितियाँ बदलती हैं और उसे यह एहसास होता है कि सच्चे रिश्तों की कीमत धन से कहीं अधिक होती है।
सुधा मूर्ति ने सरल और प्रभावशाली भाषा में यह दिखाया है कि किस प्रकार समाज में पैसे और विदेशी जीवनशैली के प्रति आकर्षण लोगों की सोच को प्रभावित करता है। उपन्यास परिवार, मानवीय भावनाओं और रिश्तों के वास्तविक मूल्य को समझने का संदेश देता है।
यह पुस्तक पाठकों को सोचने पर मजबूर करती है कि जीवन में सबसे महत्वपूर्ण क्या है—धन या सच्चे संबंध।
मुख्य विषय (Major Themes)
परिवार और रिश्तों का महत्व
धन और सामाजिक प्रतिष्ठा का प्रभाव
भारतीय परिवारों की मानसिकता
प्रेम, सम्मान और समझ
रिश्तों का वास्तविक मूल्य
प्रमुख विशेषताएँ (Key Features)
प्रसिद्ध लेखिका सुधा मूर्ति का लोकप्रिय उपन्यास
परिवार और समाज पर आधारित मार्मिक कहानी
सरल और सहज भाषा
जीवन के महत्वपूर्ण मूल्यों पर आधारित
सामाजिक और पारिवारिक साहित्य प्रेमियों के लिए उपयुक्त
डॉलर बहू – सुधा मूर्ति एक संवेदनशील और विचारोत्तेजक उपन्यास है जो परिवार, रिश्तों और धन के वास्तविक महत्व को उजागर करता है। 📚✨
PUBLISHER: PRABHAT PRAKASHAN
BINDING: HARD COVER
LANGUAGE: HINDI
PAGES: 266

