“कठोपनिषद” Osho द्वारा दिए गए गहन और जाग्रत प्रवचनों का अद्भुत संकलन है, जिसमें वे उपनिषद के अमर संवाद—नचिकेता और यम—को आधुनिक मनुष्य की चेतना से जोड़ते हैं। यह पुस्तक जीवन और मृत्यु के रहस्यों, आत्मा की अमरता, भय से मुक्ति और सत्य की खोज को अत्यंत स्पष्ट, वैज्ञानिक और अनुभवात्मक रूप में प्रस्तुत करती है।
ओशो बताते हैं कि कठोपनिषद कोई दार्शनिक बहस नहीं, बल्कि मृत्यु के सामने खड़े होकर जीवन को जानने की कला है। नचिकेता का साहस, जिज्ञासा और सत्य के प्रति अडिगता हर साधक के लिए प्रेरणा बन जाती है। ओशो इस उपनिषद को पढ़ाते नहीं, जीवित कर देते हैं—जहाँ प्रत्येक श्लोक ध्यान, साक्षीभाव और आत्मबोध का द्वार बन जाता है।
सरल लेकिन तीक्ष्ण भाषा, गहरी अंतर्दृष्टि और ध्यानात्मक व्याख्या के साथ यह पुस्तक उन पाठकों के लिए अमूल्य है जो उपनिषदों को केवल ग्रंथ नहीं, बल्कि आंतरिक रूपांतरण की प्रक्रिया के रूप में समझना चाहते हैं।
Publisher: A REBEL BOOK
Language : HINDI
Binding: HARD COVER
Pages : 395

