मैं मृत्यु सिखाता हूँ में Osho जीवन और मृत्यु के गहरे संबंध को स्पष्ट करते हैं। वे बताते हैं कि मृत्यु कोई अंत नहीं बल्कि एक परिवर्तन है, और इसे समझने से जीवन को अधिक गहराई और जागरूकता के साथ जिया जा सकता है।
इस पुस्तक में ओशो मृत्यु के भय, आत्मा, ध्यान, और अस्तित्व के रहस्यों पर विस्तार से चर्चा करते हैं। वे पाठकों को यह सिखाते हैं कि यदि हम मृत्यु को स्वीकार कर लें, तो जीवन में भय, तनाव और असुरक्षा कम हो जाती है।
सरल और सहज भाषा में लिखी गई यह पुस्तक पाठकों को आत्म-चिंतन और आंतरिक शांति की ओर प्रेरित करती है। यह न केवल मृत्यु को समझने का माध्यम है, बल्कि जीवन को पूरी तरह से जीने का मार्ग भी दिखाती है।
जो पाठक आध्यात्मिकता, ध्यान और जीवन के गहरे अर्थ को समझना चाहते हैं, उनके लिए मैं मृत्यु सिखाता हूँ एक अमूल्य मार्गदर्शक है। यह पुस्तक आपको अपने भीतर झाँकने और जीवन को नई दृष्टि से देखने की प्रेरणा देती है।
PUBLICATION : DIAMOND POCKET BOOKS
BINDING : PAPERBACK
LANGAUGE : HINDI
PAGES : 343
Condition: Paperback (Used Book) – Pages are slightly yellowed due to age.

