“महान शिक्षाशास्त्री पंडित मदन मोहन मालवीय” अवधेश कुमार चौबे द्वारा लिखित यह प्रेरक और शोधपरक पुस्तक उस महान व्यक्तित्व को समर्पित है जिन्होंने भारत में शिक्षा, संस्कृति और राष्ट्रनिर्माण को नई दिशा दी। यह पुस्तक पंडित मालवीय जी के जीवन, उनके विचारों, उनके आदर्शों और विशेष रूप से उनके अद्भुत शिक्षाशास्त्रीय दृष्टिकोण का गहन विश्लेषण प्रस्तुत करती है।
लेखक ने बेहद सरल और प्रभावी शैली में बताया है कि किस तरह मालवीय जी ने भारतीय शिक्षा व्यवस्था में सुधार, नैतिक मूल्यों के संवर्धन और आधुनिक शिक्षा को देश की सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का कार्य किया। वाराणसी में BHU जैसे विश्वविख्यात संस्थान की स्थापना से लेकर उनके राष्ट्रवादी योगदान तक—यह पुस्तक हर उस पाठक को प्रेरित करती है जो शिक्षा, शिक्षक-चिंतन और भारत के आदर्श नेताओं के जीवन से सीखना चाहता है।
यह पुस्तक शिक्षकों, B.Ed./M.Ed./शिक्षाशास्त्र के विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षार्थियों तथा भारतीय शिक्षा विचारधारा को समझने वाले सभी पाठकों के लिए एक उत्कृष्ट, ज्ञानवर्धक और संदर्भ योग्य कृति है।
PUBLISHER: HINDI POCKET BOOKS
BINDING: PAPER BACK
LANGUAGE: HINDI
PAGES: 64

