More Details

“रंगभूमि” हिंदी साहित्य के महान कथाकार Munshi Premchand का एक महत्वपूर्ण और प्रसिद्ध उपन्यास है। यह कृति भारतीय समाज की जटिलताओं, सामाजिक असमानताओं और औद्योगिक विकास के प्रभावों को गहराई से प्रस्तुत करती है।

इस उपन्यास का मुख्य पात्र सूरदास, एक अंधा लेकिन आत्मसम्मान और नैतिकता से भरपूर व्यक्ति है, जो अन्याय और शोषण के खिलाफ साहसपूर्वक खड़ा होता है। कहानी में दिखाया गया है कि कैसे बड़े उद्योगपतियों और शक्तिशाली लोगों के स्वार्थ के कारण आम लोगों के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है।

प्रेमचंद ने इस उपन्यास के माध्यम से समाज में मौजूद अन्याय, लालच और सत्ता के दुरुपयोग की तीखी आलोचना की है। साथ ही उन्होंने मानवता, सत्य और न्याय जैसे मूल्यों को भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया है।

“रंगभूमि” केवल एक कहानी नहीं, बल्कि समाज और मानव जीवन के संघर्षों का सशक्त चित्रण है। यह उपन्यास हिंदी साहित्य के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और साहित्य प्रेमियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह प्रेमचंद की सामाजिक दृष्टि और यथार्थवादी लेखन शैली का उत्कृष्ट उदाहरण है। 📚

Publisher: OM BOOKS INTERNATIONAL

Language : HINDI

Binding: PAPER BACK

Pages : 720