“श्रीरामचरितमानस” गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित वह अमर महाकाव्य है, जो मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जीवन, चरित्र और आदर्शों का दिव्य वर्णन करता है। यह केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि नैतिकता, करुणा, कर्तव्य, भक्ति और मानवीय मूल्यों का अनुपम स्रोत है।
इस पवित्र ग्रंथ में श्रीराम का जन्म, वनवास, सीता हरण, हनुमान की भक्ति, लंका विजय और रामराज्य की स्थापना जैसे प्रसंग अत्यंत भावनात्मक और प्रेरणादायक भाषा में प्रस्तुत किए गए हैं। अवधी भाषा में रचित यह ग्रंथ आज भी उतना ही प्रभावशाली है जितना सदियों पहले था।
“श्रीरामचरितमानस” जीवन को सही दिशा देने वाला एक आध्यात्मिक मार्गदर्शक है, जो पाठक को शांति, संतोष और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। भक्तों, विद्यार्थियों और अध्यात्म–प्रेमियों के लिए यह एक अनमोल धरोहर है।
PUBLISHER: GEETA PRESS GORAKHPUR
BINDING: HARD COVER
LANGUAGE: SANSKRIT, HINDI
PAGES: 1055

